कुछ लोग उस फूल की तरह होते हैं, टूटने के बाद भी दुनिया से फनह होते है। कुछ ईश्वर के शिष् पे विराजते हैं, कुछ इत्र बनकर लोगो को महकाते हैं।

कुछ लोग उस फूल की तरह होते हैं,
टूटने के बाद भी दुनिया से फनह होते है।
कुछ ईश्वर के शिष् पे विराजते हैं,
कुछ इत्र बनकर लोगो को महकाते हैं।

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